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    रणजी ट्रॉफी- 67 साल में जम्मू-कश्मीर पहली बार फाइनल में:बंगाल को 6 विकेट से हराया; आकिब नबी ने 9 विकेट लिए

    6 months ago

    67 साल के घरेलू क्रिकेट इतिहास में पहली बार जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंच गया है। कल्याणी में खेले गए रणजी ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर ने दो बार की पूर्व चैंपियन बंगाल को 6 विकेट से हराकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। जीत के लिए मिले 126 रनों के छोटे लक्ष्य को टीम ने चौथे दिन 34.4 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। वंशज शर्मा ने 43 रन बनाए, जबकि IPL स्टार अब्दुल समद 30 रन बनाकर नाबाद रहे और टीम को जीत तक पहुंचाया। इस जीत के हीरो तेज गेंदबाज आकीब नबी रहे, जिन्होंने मैच में कुल 9 विकेट लेकर बंगाल की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा उन्होंने पहली पारी में 42 रन बनाकर टीम की जीत में अहम योगदान भी दिया। समद की आक्रामक बैटिंग और वंशज का छक्का मैच के चौथे दिन जम्मू-कश्मीर को जीत के लिए 83 रनों की जरूरत थी और उनके 8 विकेट सुरक्षित थे। सुबह के सत्र में शुभम पुंडीर (27) और कप्तान पारस डोगरा (9) जल्दी आउट हो गए, जिससे टीम पर दबाव बढ़ गया था। इसके बाद अब्दुल समद और 22 साल के युवा वंशज शर्मा ने मोर्चा संभाला। दोनों के बीच 55 रनों की अटूट साझेदारी हुई। समद ने अपनी 27 गेंदों की पारी में 3 छक्के और 1 चौका लगाकर बंगाल के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। मैच का अंत वंशज शर्मा ने मुकेश कुमार की गेंद पर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से शानदार छक्का लगाकर किया। बंगाल के इंटरनेशनल स्टार्स फेल रहे बंगाल की टीम में मोहम्मद शमी, आकाश दीप, मुकेश कुमार और शाहबाज अहमद जैसे चार इंटरनेशनल खिलाड़ी शामिल थे। इसके बावजूद टीम दूसरी पारी में महज 99 रनों पर सिमट गई। बंगाल ने पहली पारी में 328 रन बनाए थे, जिसके जवाब में जम्मू-कश्मीर ने 302 रन बनाए। दूसरी पारी में अकीब नबी की घातक गेंदबाजी के सामने बंगाल का कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं सका। आकाश दीप ने दूसरी पारी में 3 विकेट जरूर लिए, लेकिन वे हार नहीं टाल सके। 1959 से सफर शुरू हुआ, 44 साल बाद मिली थी पहली जीत जम्मू-कश्मीर ने पहली बार 1959-60 के सीजन में रणजी ट्रॉफी खेलना शुरू किया था। शुरुआत में इस टीम को एक कमजोर टीम माना जाता था। टीम को अपनी पहली जीत दर्ज करने में ही 44 साल लग गए थे, जब 1982-83 में उन्होंने सर्विसेज को हराया था। 2013-14 में टीम पहली बार नॉकआउट दौर में पहुंची थी। इस सीजन में कोच अजय शर्मा और कप्तान पारस डोगरा के मार्गदर्शन में टीम ने मुंबई, राजस्थान, दिल्ली और हैदराबाद जैसी बड़ी टीमों को हराकर अपना लोहा मनवाया। अकीब नबी ने इस सीजन 55 विकेट लिए तेज गेंदबाज अकीब नबी के लिए यह सीजन किसी सपने जैसा रहा है। क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश के खिलाफ 12 विकेट लेने वाले नबी ने सेमीफाइनल में भी 9 विकेट चटकाए। इस सीजन में उनके कुल विकेटों की संख्या 55 हो गई है और उनका औसत 13 से भी कम का रहा है। गेंदबाजी के अलावा उन्होंने पहली पारी में 42 रनों का अहम योगदान भी दिया था। मैच के बाद नबी ने कहा,'पिछली बार हम क्वार्टर फाइनल में चूक गए थे, लेकिन इस बार हमारी मेहनत रंग लाई।' कप्तान पारस डोगरा रणजी में 10 हजार बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज 41 साल के कप्तान पारस डोगरा ने मैच के दौरान रणजी ट्रॉफी में अपने 10,000 रन पूरे किए। वे वसीम जाफर के बाद यह उपलब्धि हासिल करने वाले भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। हिमाचल प्रदेश और पुडुचेरी से होते हुए जम्मू-कश्मीर पहुंचे डोगरा ने पहली पारी में 58 रनों की जुझारू पारी खेली थी, जिसने जीत की नींव रखी। प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दी बधाई इस ऐतिहासिक जीत पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा,'यह खिलाड़ियों की मेहनत और कोचिंग स्टाफ के अनुशासन का नतीजा है। जम्मू-कश्मीर की टीम ने पिछले कुछ सालों में जबरदस्त सुधार किया है। मुझे उम्मीद है कि वह दिन दूर नहीं जब हमारे खिलाड़ी भारतीय टीम में भी अहम भूमिका निभाते दिखेंगे।'
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