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    NEWSBUZZ INDIA

    रणथंभौर में रेगुलर फॉरेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी:माइक्रोप्लान और PRA पर दिया प्रशिक्षण, महिला समूहों की भागीदारी

    6 months ago

    रणथंभौर टाइगर रिजर्व की फलोदी रेंज में EDC (इको डवलपमेंट समितियों) को रेगुलर फॉरेस्ट मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी गई, जिसमें EDC सदस्यों को माइक्रोप्लान व PRA ( Participatory Rural Appraisal) पर विस्तृत जानकारी दी गई। वनपाल प्रकाश चंद ने बताया कि वन विभाग की ओर DFO मानस सिंह के निर्देशन में राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना के अंतर्गत EDC के सदस्यों को के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज वनरक्षक खेड़ी चौकी में एक दिवसीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया। ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर फॉरेस्ट कंजर्वेशन, नेचुरल रिसोर्सेज का रेगुलर मैनेजमेंट, कम्युनिटी सहभागिता को मजबूत बनाना रहा। वन संरक्षण में सहभागिता पर जोर कार्यक्रम की अध्यक्षता फलोदी रेंजर विजय कुमार मीणा ने की। उन्होंने कहा कि योजना के जरिए गांवों के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ा जा रहा है। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से फॉरेस्ट मैनेजमेंट को मजबूत किया जा सकता है। मुख्य वक्ता प्रभागीय परियोजना समन्वयक झाबर मल यादव ने योजना के लाभ बताए और प्रतिभागियों को वन संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। माइक्रोप्लान और PRA की दी जानकारी ट्रेनिंग में समिति पंजीयन की प्रक्रिया, माइक्रोप्लान तैयार करने और PRA करने के तरीके विस्तार से समझाए गए। राजीविका के स्वयं सहायता समूहों को योजना से जोड़कर लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी बताई गई। चयनित महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने अनुभव साझा किए। फलोदी क्षेत्र की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। ये गांवों के सदस्य रहे शामिल प्रशिक्षण में हलोंदा, बोदल और नीमचौकी गांवों की इको डवलपमेंट समितियों के अध्यक्ष देशराज गुर्जर, रूपसिंह, महेश गुर्जर सहित सचिव और अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में राजाराम माली, दिनेश कुमार सेनी, सीमा मीणा, प्रकाश चंद जाट, नरेश कुमार मीणा, ठंडी राम मीणा, तरुण कुमार सहित विभागीय कार्मिक उपस्थित रहे। अंत में प्रतिभागियों ने परियोजना की गतिविधियों को प्रभावी तरीके से लागू करने और वन संरक्षण के साथ समुदाय आधारित विकास को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
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