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    NEWSBUZZ INDIA

    दिलावर बोले- भैंस का बच्चा बुद्धि से भ्रष्ट होता है:बड़ा होकर पाड़ा ही रहता है, बच्चों को बुद्धिमान बनाना है तो गाय का दूध पिलाओ

    6 months ago

    कोटा में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने लोगों को गाय और भैंस के बच्चों में अंतर बताया। कहा- गाय का बच्चा विद्वान और बुद्धिमान होता है। भैंस का बच्चा बुद्धि (माइंड) से भ्रष्ट होता है। यानी आपको अपने बच्चे को चंचल बनाना है तो गाय का दूध पिलाओ, आलसी बनाना है तो भैंस का दूध पिलाओ। शिक्षा मंत्री ने यह बात चेचट तहसील के गांव खेड़ली में रविवार को ‘गो संवर्धन एवं गोचरण परंपरा’ के शुभारंभ पर लोगों को कही। मंत्री ने कहा- गाय के बच्चे को बछड़ा बोलते हैं। थोड़ा बड़ा होने पर खेड़ा बोलते हैं। थोड़ा और बड़ा होने पर नाड़किया बोलते हैं और बड़ा होने पर बैल बोलते हैं। भैंस का बच्चा छोटा होता है, तब पाड़ा बोलते हैं। थोड़ा बड़ा होने पर भी पाड़ा बोलते हैं और बड़ा होने पर भी पाड़ा ही बोलते हैं। कितना ही बड़ा हो जाए, वो पाड़ा का पाड़ा ही रहता है। मंत्री बोले- पाड़ा अपनी मां को मुश्किल से पहचानता है मंत्री दिलावर ने कहा- 5-7 ऐसी गाय चुनो, जिन्होंने 3-4 दिन पहले बच्चों (बछड़े) को जन्म दिया हो। वहीं ऐसे ही इतनी ही भैंस चुनो, जिन्होंने 3-4 दिन पहले बच्चों (पाडे़) को जन्म दिया हो। सामने एक तरफ भैंसें खड़ी कर दो, एक तरफ गोमाता खड़ी कर दो। फिर उनके बच्चों को एक साथ छोड़ दो। भैंस का बच्चा भाग कर एक भैंस के नीचे जाएगा, पता चला वो उसकी मां नहीं है। फिर वह दूसरी, तीसरी, चौथी भैंस के पास जाएगा। भैंस का बच्चा बड़ी मुश्किल से अपनी मां को पहचानेगा। वहीं गोमाता का बच्चा सीधा अपनी मां के पास चला जाएगा और दूध पीने लग जाएगा। यानी गाय का दूध पीने वाला उसका बच्चा विद्वान और बुद्धिमान होता है। वहीं भैंस का दूध पीने वाला बच्चा बुद्धि (माइंड) से भ्रष्ट होता है। दूध पीकर बछड़ा बनता है चंचल, भैंस का पाड़ा आलसी मंत्री दिलावर ने कहा- गाय के बच्चे को पेट भरकर दूध पिला दो। वहीं भैंस के बच्चों को पेट भरकर दूध पिला दो। दोनों को छोड़ दो। भैंस का बच्चा बैठेगा तो ऊंघता रहेगा। वहीं गाय का बच्चा उछल-कूद करेगा, यानी वह चंचल है। यानी हमारे बच्चों को चंचल बनाना है तो गाय का दूध पिलाओ, आलसी बनाना है तो भैंस का दूध पिलाओ। दिलावर ने कहा- गाय के बच्चों को बछड़ा बोलते हैं। थोड़ा बड़ा होने पर खेड़ा बोलते हैं। थोड़ा और बड़ा होने पर नाड़किया बोलते हैं और बड़ा होने पर बैल बोलते है। भैंस का बच्चा छोटा होता है, जब पाड़ा बोलते हैं। थोड़ा बड़ा होने पर भी पाड़ा बोलते हैं और बड़ा होने पर भी पाड़ा ही बोलते हैं। कितना ही बड़ा हो जाए, वो पाड़ा का पाड़ा ही रहता है। यानी प्रोग्रेस तो गाय का दूध पीने वाला ही करता है। यानी अपने बच्चों को आगे बढ़ाना है बुद्धिमान, चंचल बनाना है तो गोमाता का दूध पिलाओ।
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